सहारा निवेशकों के लिए खुशखबरी, आज से 50,000 रुपये तक रिफंड मिलना शुरू, अभी-अभी जारी हुई नई लिस्ट

सहारा इंडिया की चार को-ऑपरेटिव समितियों में फंसे लाखों निवेशकों के लिए 2025 में रिफंड प्रक्रिया और तेज कर दी गई है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत CRCS Sahara Refund Portal (mocrefund.crcs.gov.in) पर ऑनलाइन आवेदन, क्लेम स्टेटस और रिजेक्ट क्लेम को दोबारा सबमिट करने की नई सुविधा शुरू की है, जिसमें योग्य जमाकर्ताओं को पहले चरण में 10,000 से 50,000 रुपये तक की राशि सीधे DBT के जरिए 60–90 दिनों में बैंक खाते में भेजी जाएगी।​

क्या है सहारा इंडिया रिफंड 2025

सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह की चार सहकारी समितियों में जमा निवेशकों के पैसे लौटाने का आदेश दिया था, जिसके बाद सहकारिता मंत्रालय के तहत CRCS Sahara Refund Portal शुरू किया गया। यह पोर्टल असली जमाकर्ताओं के ऑनलाइन क्लेम, वेरिफिकेशन और भुगतान के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की तरह काम कर रहा है।​

आपको बता दें कि सरकार का लक्ष्य अधिकतम पात्र निवेशकों तक तय समय सीमा के भीतर पैसा पहुंचाना है और इसके लिए पोर्टल में समय–समय पर तकनीकी अपडेट किए जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट और केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय दोनों ही इस पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग कर रहे हैं ताकि पारदर्शिता बनी रहे।​

कौन निवेशक रिफंड के पात्र हैं

रिफंड उन्हीं निवेशकों को मिलेगा जिन्होंने सहारा ग्रुप की इन चार सहकारी समितियों में पैसा जमा किया था – Sahara Credit Cooperative Society Ltd., Saharayan (Sahara Universal) Universal Multipurpose Society Ltd., Humara India Credit Cooperative Society Ltd. और Stars Multipurpose Cooperative Society Ltd.। इन समितियों में वैध रसीद, पासबुक और KYC वाले जमाकर्ता अपने पैसे की वापसी के लिए क्लेम कर सकते हैं।​

सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक केवल असली डिपॉजिटर्स को ही रिफंड दिया जाएगा और फर्जी या गलत दावे फिल्टर करने के लिए डेटा मिलान और दस्तावेज़ वेरिफिकेशन की सख्त प्रक्रिया अपनाई जा रही है। सहारा ग्रुप की ओर से भी कहा गया है कि असली निवेशकों को पैसा दिलवाने में वे सरकार के साथ समन्वय कर रहे हैं और झूठे दावों की पहचान की जा रही है।​

2025 का नया अपडेट और रकम सीमा

2025 में पोर्टल पर प्रोसेस को तेज करने के लिए कई बदलाव किए गए हैं, जिनमें पहले चरण में प्रति निवेशक 10,000 से 50,000 रुपये तक रिफंड देने की सुविधा प्रमुख है। आज सुबह जारी दिशा–निर्देशों के अनुसार जिन दावों में दस्तावेज सही और मिलान स्पष्ट है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जा रहा है।​

रिफंड पूरी तरह ऑनलाइन और DBT के जरिए सीधे बैंक खाते में भेजा जा रहा है, जिससे बीच में किसी एजेंट या बिचौलिए की भूमिका समाप्त हो जाती है। सरकार की ओर से दिए गए अपडेट के मुताबिक सही पाए गए आवेदनों का भुगतान आमतौर पर 60–90 दिनों के भीतर प्रोसेस किया जा रहा है, हालांकि दस्तावेज़ में कमी होने पर समय बढ़ भी सकता है।​

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया: स्टेप–बाय–स्टेप

जो भी निवेशक रिफंड लेना चाहते हैं, उन्हें सबसे पहले आधिकारिक साइट mocrefund.crcs.gov.in पर जाना होगा और “Depositor Registration” ऑप्शन चुनना होगा। यहां आधार नंबर और उससे लिंक मोबाइल नंबर डालकर OTP वेरिफिकेशन के बाद रजिस्ट्रेशन पूरा करना होता है।​

इसके बाद निवेश से जुड़े विवरण जैसे समिति का नाम, जमा राशि, जमा तिथि, रसीद नंबर आदि भरने होते हैं और हर खाते के लिए पासबुक या रसीद की स्कैन कॉपी अपलोड करनी पड़ती है। फॉर्म सबमिट करने के बाद सिस्टम एक क्लेम रिक्वेस्ट नंबर या एप्लीकेशन नंबर जनरेट करता है, जिसे आगे स्टेटस चेक और री–सबमिशन के लिए संभाल कर रखना जरूरी है।​

स्टेटस चेक और रिजेक्ट फॉर्म री–सबमिट सुविधा

कल देर रात तक पोर्टल पर “Check Claim Status” सेक्शन में लाखों निवेशकों ने अपना एप्लीकेशन नंबर डालकर स्टेटस देखा, जहां Under Process, Approved, Rejected या Payment Done जैसी स्थिति दिखाई देती है। इससे लोगों को हर बार दफ्तर के चक्कर लगाने की बजाय घर बैठे ही ऑनलाइन अपडेट मिल पा रहा है।​​

2025 के बड़े बदलावों में एक अहम सुविधा यह है कि जिनका क्लेम किसी कमी या गलती के कारण रिजेक्ट हुआ है, वे “Re-Submit Claim” के जरिए अपने दस्तावेज दोबारा अपलोड कर सकते हैं। पोर्टल अब यह भी दिखाता है कि क्लेम क्यों रिजेक्ट हुआ, जिससे निवेशक आसानी से गलती सुधारकर दोबारा दावा दर्ज कर सकें।​

दस्तावेज़, समयसीमा और हेल्पलाइन

रिफंड क्लेम के लिए आधार से लिंक मोबाइल नंबर, वैध बैंक खाता, PAN (जहां आवश्यक), पासबुक या रसीद की साफ स्कैन कॉपी और सही व्यक्तिगत जानकारी होना अनिवार्य है। मंत्रालय ने साफ किया है कि दस्तावेज़ों में जरा–सी गड़बड़ी या नाम–तारीख में अंतर होने पर क्लेम होल्ड या रिजेक्ट हो सकता है, इसलिए फॉर्म भरने से पहले सब डिटेल्स ध्यान से मिलाना जरूरी है।​

किसी भी समस्या के लिए निवेशक टोल–फ्री हेल्पलाइन 1800-103-6891 पर कॉल कर सकते हैं या पोर्टल पर दिए गए कॉन्टैक्ट विकल्पों के जरिए संपर्क कर सकते हैं। CRCS और सहकारिता मंत्रालय की वेबसाइट पर भी FAQ और गाइडलाइन उपलब्ध हैं, जिनकी मदद से ग्रामीण और छोटे निवेशक भी आसानी से प्रक्रिया समझ सकते हैं।​

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